रानीखेत में भूकंप आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। गांधी चौक स्थित एक मॉल में भूकंप आने और 20 लोगों के फंसे होने का परिदृश्य बनाया गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसएसबी, एसडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों ने त्वरित बचाव कार्य किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया। इस अभ्यास से विभागों के समन्वय और स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का पता चला।
नगर क्षेत्र में भूकंप से हाई अलर्ट। चंद सेकंड में संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय ने पुलिस, फायर ब्रिगेड समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों को त्वरित राहत व बचाव कार्यों के निर्देश दिए। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जांबाजों की भी मदद ली गई। गांधी चौक स्थित एक माल भूकंप की जद में आया।
एक रेस्तरां की रसोई के साथ ही अलग-अलग दुकानों, दूसरी व तीसरी मंजिल के जीने में घायल पड़े लोगों को बड़ी कुशलता से क्विक रिस्पांस के जरिये बचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। एंबुलेंस से सभी को चिकित्सालय भेजा गया। कुछ भगदड में चोटिल हुए। मलबे की चपेट में आकर कुछ मवेशी भी जख्मी हुए, जिन्हें पशु चिकित्सकों ने उपचार दिया।
गांधी चौक क्षेत्र को मुख्य केंद्र बनाया
यह हकीकत नहीं बल्कि के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारी, राहत व बचाव कार्यों में तत्परता व अन्य अहम व्यवस्थाओं को परखने के लिए बुधवार की प्रात: माकड्रिल का नजारा था। इस बहाने पहाड़ में चिकित्सकों व एंबुलेंस की कमी से बेजार स्वास्थ्य विभाग की परीक्षा हुई तो प्रशासन, पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, लोनिवि, बिजली, पशुपालन, राजस्व आदि महत्वपूर्ण विभागों के बीच सटीक तालमेल और सूचनाओं के आदान-प्रदान संबंधी कौशल का भी प्रदर्शन देखने को मिला।
नगर के गांधी चौक क्षेत्र को मुख्य केंद्र बनाया गया। आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि एक माल भूकंप की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया है। करीब 20 लोग भीतर फंसे हैं।
प्रशासन के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल विभाग, एसएसबी, स्वास्थ्य विभाग, एनएनसी कैडेट्स राहत व बचाव कार्य में जुटे। संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात के अनुसार माकड्रिल के जरिये आपदा प्रबंधन की तैयारी परख सभी विभागों में तालमेल व कार्यकुशलता का आंकलन करना था। इस दौरान तहसीलदार दीपिका आर्या, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीप जोशी, एसएसबी कमांडेंट व पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
