ऋषिकेश के शिवपुरी यूसुफ बीच पर गंगा में बह रहे गुरुग्राम के एक पर्यटक अविनाश को मुख्य राफ्टिंग गाइड विपिन शर्मा ने बचाया। पर्यटक चप्पल पकड़ने के दौरान बहाव की चपेट में आ गया था। विपिन शर्मा और सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने उसे बचाया और सीपीआर देकर जान बचाई। यह घटना 25 जनवरी की है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिवपुरी यूसूफ बीच पर बह रहे एक गुरुग्राम निवासी पर्यटक को मुख्य राफ्टिंग गाइड विपिन शर्मा ने बचा लिया। पांच दोस्त गुरुग्राम से ऋषिकेश घूमने आए थे।
शिवपुरी यूसूफ बीच पर नहाने के दौरान यह हादसा हुआ। गाइड का पर्यटकों को बचाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। घटना बीती 25 जनवरी की है।
मुनिकीरेती थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने बताया कि गुरुग्राम निवासी अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ शिवपुरी यूसूफ बीच पर घूमने गया था।
शिवपुरी यूसूफ बीच पर बह रहे एक गुरुग्राम निवासी पर्यटक को मुख्य राफ्टिंग गाइड विपिन शर्मा ने बचा लिया। पांच दोस्त गुरुग्राम से ऋषिकेश घूमने आए थे।
शिवपुरी यूसूफ बीच पर नहाने के दौरान यह हादसा हुआ। गाइड का पर्यटकों को बचाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। घटना बीती 25 जनवरी की है।
मुनिकीरेती थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने बताया कि गुरुग्राम निवासी अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ शिवपुरी यूसूफ बीच पर घूमने गया था।
इस दौरान उसके एक दोस्त की चप्पल गंगा बहने लगी। चप्पल को पकड़ने के लिए युवक जैसे ही आगे बढ़ा, वह गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा।
दोस्त को बहता देख अविनाश उसे बचाने के लिए गंगा में उतर गया। दोस्त तो बचा गया। लेकिन इस दौरान अविनाश गंगा में बहने लगा।
उस दौरान मुख्य गाइड विपिन शर्मा युवाओं को गंगा में मरीन ड्राइव से शिवपुरी तक प्रशिक्षण दे रहे थे। विपिन ने बताया कि इस दौरान यूसूफ बीच के समीप गंगा में बह रहे युवक की बचाव-बचाव की आवाज सुनाई दी।
उन्होंने सीटी बजाकर अन्य राफ्टों के गाइडों को भी उस स्थान पर जाने के लिए कहा। उनके साथ सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने पर्यटक को बचाने के लिए गंगा में रस्सी फेंकी।
उन्होंने गंगा में डूब रहे पर्यटक को पकड़ने के लिए छलांग लगा दी। पर्यटक को निकालकर गंगा किनारे ले आए। इस दौरान पर्यटक बेसुध स्थिति में था।
उन्होंने पर्यटक को सीपीआर दिया, लेकिन उसका एयरवेज ब्लाक हो गए थे। टीम के सदस्यों को पर्यटक को सीपीआर देने का कहा। 15 मिनट तक सीपीआर देने और एयरवेज खुलने के बाद पर्यटक की सांस चलने लगी। 108 एंबुलेंस से पर्यटक को अस्पताल भिजवाया।
