शिमला पुलिस ने तीन आधारों पर केस दर्ज किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये दलीलें कोर्ट में नहीं टिकेंगी। दिल्ली पुलिस अब ट्रांजिट रिमांड के बाद आरोपियों को लेकर दिल्ली आ रही है।
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले भारतीय युवा कांग्रेस के तीन आरोपितों को पकड़ने शिमला गई दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम पर शिमला पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कराया है।
लगभग 24 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामा के दौरान शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को 5 घंटे तक हिरासत में भी रखा। इसके साथ ही शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस पर अपहरण का मामला भी दर्ज किया है।
गौरतलब है कि बुधवार को तीन प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था लेकिन शिमला पुलिस ने राज्य सीमा से उन्हें निकलने नहीं दिया। अदालती प्रक्रिया के बाद आज (गुरुवार) सुबह दिल्ली पुलिस तीनों को वहां से लेकर आ रही है।
एक मिनट नहीं टिकेंगी शिमला पुलिस की दलीलें
शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस पर तीन आधार पर केस दर्ज किया है। हालांकि यह तीनों ऐसे ग्राउंड पर जिन पर दलीलें एक मिनट भी कोर्ट में नहीं टिकेंगी।
बता दें कि शिमला पुलिस ने जिन तीन ग्राउंड पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ केस दर्ज किया है, कानूनन उस आधार पर कोई केस नहीं बनता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही वजह है कि आज शिमला कोर्ट शिमला पुलिस द्वारा दर्ज केस को रद करने का आदेश दे सकती है।
यह हैं दिल्ली पुलिस पर केस के तीन आधार
पहला ग्राउंड यह बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने रिजॉर्ट में घुसकर बिना लोकल पुलिस को कुछ सूचना दिए तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उठा लिया जिससे अपहरण का मामला बनाया गया। दिल्ली पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन कर दिया, जिससे यह ग्राउंड खारिज हो सकता है।
दूसरा ग्राउंड रिजॉर्ट से डीवीआर को उखाड़ने का बनाया गया। दिल्ली पुलिस ने उसे अपने सीजर मेमो में दिखा दिया है।
तीसरा आधार रिजॉर्ट में 20 पुलिसकर्मियों के एक साथ घुसने का बताया गया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दूसरे राज्यों में रेड के लिए पुलिस अपनी पूरी तैयारी के साथ कहीं भी रेड कर सकती है।
शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के बाद दर्ज किया केस
इन्हीं तीन ग्राउंड पर शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ केस दर्ज किया है। सबसे बड़ी बात है कि तीनों को दिल्ली पुलिस द्वारा अरेस्ट कर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद शिमला पुलिस ने केस दर्ज किया था।
जब दिल्ली पुलिस तीनों को कोर्ट से दिल्ली के लिए निकली तब रात 8.11 बजे केस दर्ज कर दिल्ली पुलिस की रोकना शुरू कर दिया।

