अकासा एयर और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 40 एकड़ में एमआरओ केंद्र स्थापित करने के लिए समझौता किया है। यह केंद्र विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाॅलिंग की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे देश के विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 40 एकड़ में विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाॅलिंग के लिए एमआरओ केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और अकासा एयर के बीच करार हुआ है।
इससे देश में विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के अग्रणी एमआरओ केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में अहम माना जा रहा है।
समझौते के तहत, अकासा एयर हवाई अड्डे के परिसर में एक अत्याधुनिक एमआरओ केंद्र का संचालन करेगी, जो नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्नत एमआरओ सेवाएं प्रदान करेगा।
एमआरओ बनने से रोजगार की सभावनाएं बढ़ेंगी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए कंसेशन एग्रीमेंट के मुताबिक यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को अधिकतम 10 वर्षों में एयरपोर्ट के प्रथम फेज की 40 एकड़ जमीन पर एमआरओ केंद्र स्थापित करना था।
लेकिन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने एयरपोर्ट पर आने वाले एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहाॅलिंग (एमआरओ) को देखते हुए अकासा एयर से करार किया है।
एमआरओ केंद्र की स्थापना के बाद विभिन्न प्रकार के विमानों के रखरखाव, रिपेयर एवं ओवरहाॅलिंग हो सकेगी। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सुविधा विकसित होने के से कौशल विकास के अलावा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
भारत में अकासा एयर द्वारा अपनी पहली एमआरओ सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थापित करने का निर्णय हमारे उस दृष्टिकोण का मजबूत समर्थन है, जिसके तहत हम भारत के लिए एक विश्वस्तरीय विमानन हब बनाना चाहते हैं। यह साझेदारी न केवल भारत की एमआरओ क्षमताओं को बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
– क्रिस्टोफ श्नेलमैन सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड
भारत का विमानन बाजार अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है, मजबूत घरेलू एमआरओ क्षमताओं का विकास एयरलाइनों के लिए बड़े पैमाने पर कुशल और विश्वसनीय संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। अकासा के लिए शुरुआती निवेश हमारे अनुशासित विकास दृष्टिकोण का हिस्सा है जो हमारे संचालन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ भारत में अधिक आत्मनिर्भर विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देगा।
