रायपुर पहुंचने पर दोनों आरोपितों ने कार चालक को तमंचा दिखाया और डरा धमकाकर कार लूट कर फरार हो गए। इस मामले में रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसपी जया बलोनी की देखरेख में एसओजी व रायपुर थाना पुलिस की तीन टीमें गठित की गई।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों तक पहुंची पुलिस
इनकी पहचान
आरोपितों की पहचान दीपक मलिक उर्फ दीपू निवासी ग्राम बीदल, थाना गौहाना, तहसील सोनीपत जिला सोनीपत हरियाणा, रौनक गहलावत निवासी निजामपुर माजरा थाना सदर, सोनीपत हरियाणा, विनय कुमार निवासी गरनावटी गांव, थाना कलानौर, रोहतक हरियाणा और धर्मवीर निवासी ग्राम गामड़ी थाना गोहाना, सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई।
लूट की वारदात के लिए धर्मवीर व विनय ने बुलाया था दून
पूछताछ में आरोपित दीपक मलिक व रौनक ने बताया कि देहरादून में पूर्व से रह रहे धर्मवीर व विनय ने उन्हें देहरादून में एक बडी वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया था और साथ में तमंचा लाने को भी कहा था। देहरादून में जिस वाहन को बुक करके लाना था उसी को लूटकर घटना को अंजाम देकर भाग जाने की योजना थी।
आरोपितों ने बताया कि देहरादून में ब्याज का काम बहुत अच्छा है। ब्याज पर 10 से 15 प्रतिशत मुनाफा मिल जाता है। उनके जानने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा उर्फ सोनू भारद्वाज व हरीश शर्मा उर्फ मोनू भारद्वाज ने भी ब्याज के काम में काफी अच्छी कमाई की है। चारों ने उन्हीं के साथ मिलकर आगे काम करने की योजना थी।
वाहन में नहीं था जीपीएस, रास्ते से लोकेशन कर दी बंद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कार में जीपीएस सिस्टम नहीं था, जिसके बारे में आरोपितों को जानकारी थी। सोनीपत से वह लोकेशन लगाकर देहरादून पहुंचे। इसके बाद आइएसबीटी से आरोपितों ने लोकेशन भी बंद करवा दी और कहा कि उन्हें बालावाला जाना है, जहां उन्हें सारा रास्ता पता है। वह गलियों से होते हुए बालावाला पहुंचे, जिसके कारण सीसीटीवी फुटेज में उनके चेहरे साफ नजर नहीं आ पाए।