40 CCTV फुटेज खंगाले, कई रास्तों पर रखी नजर; पुलिस ने ऐसे किया कार लूट का खुलासा

रायपुर क्षेत्र से कार लूटने वाले दो बदमाशों व उनके दो अन्य साथियों को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। योजना के तहत आरोपित पानीपत से कार बुक कराकर देहरादून लाए थे और इसी कार से बड़ी लूट की घटना को अंजाम देना था। आरोपित लूट की घटना को अंजाम दे पाते, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से घटना में लूट की गई कार, तमंचा, कारतूस, खुकरी व मोबाइल बरामद किए हैं। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया अशोक विकार लोनी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश निवासी इमरान अहमद शिव कुमार गुप्ता की टैक्सी कार चलाता है। 22 मार्च को दो व्यक्ति कार को बुक करके पानीपत हरियाणा से रायपुर पहुंचे। 

रायपुर पहुंचने पर दोनों आरोपितों ने कार चालक को तमंचा दिखाया और डरा धमकाकर कार लूट कर फरार हो गए। इस मामले में रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसपी जया बलोनी की देखरेख में एसओजी व रायपुर थाना पुलिस की तीन टीमें गठित की गई।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों तक पहुंची पुलिस

पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास आने जाने वाले मार्गों व अन्य स्थानों पर लगभग 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। वहीं पूर्व में लूट के घटनाओं में शामिल आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के लिए एक टीम सोनीपत भी भेजी गई थी, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में कार लूटने वाले आरोपितों के चेहरे साफ नहीं दिख रहे थे। पुलिस टीम ने सोमवार को सूचना के आधार पर घोड़ा फैक्ट्री बालावाला के पास से चार आरोपितों को लूटी गई कार सहित गिरफ्तार कर लिया। 

इनकी पहचान

आरोपितों की पहचान दीपक मलिक उर्फ दीपू निवासी ग्राम बीदल, थाना गौहाना, तहसील सोनीपत जिला सोनीपत हरियाणा, रौनक गहलावत निवासी निजामपुर माजरा थाना सदर, सोनीपत हरियाणा, विनय कुमार निवासी गरनावटी गांव, थाना कलानौर, रोहतक हरियाणा और धर्मवीर निवासी ग्राम गामड़ी थाना गोहाना, सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई। 

लूट की वारदात के लिए धर्मवीर व विनय ने बुलाया था दून

पूछताछ में आरोपित दीपक मलिक व रौनक ने बताया कि देहरादून में पूर्व से रह रहे धर्मवीर व विनय ने उन्हें देहरादून में एक बडी वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया था और साथ में तमंचा लाने को भी कहा था। देहरादून में जिस वाहन को बुक करके लाना था उसी को लूटकर घटना को अंजाम देकर भाग जाने की योजना थी। 

आरोपितों ने बताया कि देहरादून में ब्याज का काम बहुत अच्छा है। ब्याज पर 10 से 15 प्रतिशत मुनाफा मिल जाता है। उनके जानने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा उर्फ सोनू भारद्वाज व हरीश शर्मा उर्फ मोनू भारद्वाज ने भी ब्याज के काम में काफी अच्छी कमाई की है। चारों ने उन्हीं के साथ मिलकर आगे काम करने की योजना थी।

वाहन में नहीं था जीपीएस, रास्ते से लोकेशन कर दी बंद

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कार में जीपीएस सिस्टम नहीं था, जिसके बारे में आरोपितों को जानकारी थी। सोनीपत से वह लोकेशन लगाकर देहरादून पहुंचे। इसके बाद आइएसबीटी से आरोपितों ने लोकेशन भी बंद करवा दी और कहा कि उन्हें बालावाला जाना है, जहां उन्हें सारा रास्ता पता है। वह गलियों से होते हुए बालावाला पहुंचे, जिसके कारण सीसीटीवी फुटेज में उनके चेहरे साफ नजर नहीं आ पाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *