मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में पूंजीगत व्यय, केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS), एसएएससीआई, एसएनए-स्पर्श तथा विभिन्न विभागों की व्यय योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAP) की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं की प्रगति धीमी पाई जाएगी, उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष और सचिव की होगी। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरे न होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य सचिव ने उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े और एकीकृत प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेब, कीवी और ऐरोमा फसलों के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाए।
फिशरीज के तहत ट्राउट उत्पादन के लिए बड़े स्तर पर परियोजनाएं तैयार करने तथा इसके लिए कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन और सहकारिता विभाग को मिलकर लाइव स्टॉक और फिशरीज से जुड़े एकीकृत प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने एप्पल मिशन के तहत सेब उत्पादन के लिए नर्सरी और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने हेतु ठोस प्रोजेक्ट्स तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में आवश्यकता है, वहां कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित की जाए, ताकि किसान अपने उत्पाद सुरक्षित रखकर अनुकूल समय पर बाजार में बेच सकें।
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत भूमि मुआवजा वितरण को अभियान चलाकर इस वित्तीय वर्ष में शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए समयबद्ध तरीके से मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कृषि विभाग को चेन लिंक फेंसिंग से जुड़े प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्प्रिंग और रिवर रीजूविनेशन प्राधिकरण के तहत जल संरक्षण के लिए बैराज और चेक डैम परियोजनाएं तैयार करने को कहा गया। सारा योजना के अंतर्गत उपलब्ध फंड्स के पूर्ण उपयोग के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए विभागीय इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को मार्च 2026 तक के लक्ष्य तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभाग 30 जनवरी तक अपने प्रस्ताव शासन को भेजना सुनिश्चित करें। इसके बाद प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा और अप्रयुक्त फंड्स अच्छे प्रदर्शन करने वाले विभागों को आवंटित कर दिए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. शनमुगम, बृजेश कुमार संत, डॉ. अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

