ओडिशा, 27 जनवरी:
ओडिशा में वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक मृत हाथी के शव को 32 टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगहों पर दफनाया गया। अधिकारियों ने न तो किसी से अनुमति ली और न ही किसी को इसकी जानकारी दी।
कंधमाल जिले के बालिगुड़ा वन प्रभाग में एक जंगली हाथी की मौत हुई, जिसे संदिग्ध रूप से करंट लगने से मारा गया।
शव को विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए 32 टुकड़ों में काटकर कंधमाल और कालाहांडी जिलों की अलग-अलग जगहों पर दफनाया गया।
बेलघर के प्रभारी रेंजर बिनय कुमार बिशी और अन्य लोगों के खिलाफ वन्यजीव अपराध का मामला दर्ज किया गया। बिशी को निलंबित कर दिया गया है और वह फिलहाल फरार है।
शव के टुकड़ों को ले जाने के लिए 3 वाहन जब्त किए गए, जिनमें से वाहन मालिक हृषिकेश पांडा को गिरफ्तार किया गया।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने कहा कि सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक वन संरक्षक ने शिकार-रोधी दस्ते के आठ सदस्यों को नोटिस जारी कर मुख्यालय न छोड़ने और जांच में सहयोग देने का आदेश दिया।
हाथी की उम्र, लिंग और मृत्यु का कारण जानने के लिए शव के नमूने फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
ओडिशा में वन अधिकारियों की लापरवाही और शव के गलत निपटान की घटना ने वन्यजीव संरक्षण के नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने जांच और गिरफ्तारियों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है।

