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Dr. Rahi Masoom Raza Birth Anniversary : महाभारत जैसे कालजयी धारावाहिक का संवाद लिख जन-जन में लोकप्रिय

Dr. Rahi Masoom Raza Birth Anniversary :

Dr. Rahi Masoom Raza Birth Anniversary

हमारे देश में गंगा-जमुनी तहजीब की खुशबू फैलाने वाले फूलों में एक नाम डा. राही मासूम रजा (जन्म : 01 सितंबर, 1927, निधन : 15 मार्च 1992) का भी है। अपने को गंगा पुत्र कहने वाले रजा महाभारत धारावाहिक की पटकथा लिखने के बाद हर घर के सदस्य हो गए। उन्हेंं गंगा से उतना ही प्यार था जितना गाजीपुर से।

Dr. Rahi Masoom Raza Birth Anniversary

एक बार आधा गांव के बारे में उन्होंने कहा था यह उपन्यास मेरा एक सफर है। मैं गाजीपुर की तलाश में निकला हूं लेकिन पहले मैं अपने गांव गंगौली में ठहरूंगा। अगर गंगौली की हकीकत पकड़ में आ गई तो मैं गाजीपुर का एपिक लिखने का साहस करूंगा। जब वे प्रयागराज में थे तब उन्होंने उर्दू के कुछ उपन्यास लिखे थे जो आज भी अप्रकाशित हैं।

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1990 में उनके द्वारा भेजी गई चादर आज भी गंगौली के इमामबाड़े में बिछाई जाती है।राही दसवीं के बाद ही शायरी करने लगे थे, लेकिन उनका साहित्य प्रेम उनके परिवार को रास नहीं आया। बड़े भाइयों ने उन्हेंं इसके लिए कड़ी फटकार लगाई और आगे की पढ़ाई के लिए अलीगढ़ भेज दिया। लेकिन वहां भी उनका राग नहीं छूटा।

Dr. Rahi Masoom Raza Birth Anniversary :  गंगौली को केंद्र में रखकर लिखा ‘आधा गांव’

 

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राही का सुप्रसिद्ध उपन्यास ‘आधा गांव’ भाषा, शिल्प, कथ्य और कथा-विन्यास की दृष्टि से लाजवाब है। ये मन: स्थितियां  उनके अपने गंगौली गांव को केंद्र में रखकर उकेरी गई हैं। 1947 के परिप्रेक्ष्य में लिखे गए इस उपन्यास में साम्प्रदायिकता के विरुद्ध गहरा प्रहार है।

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