Digital Akhbaar

Latest Hindi News

IMG 20200727 WA0016

IMG 20200727 WA0016

Middleclass: कसमसाती जिंदगी हाँफते लोग

Middleclass

अर्थशास्त्र और व्यापार की भाषा मे आजकल एक नया शब्द लोकप्रिय हो रहा है – New Poor| न्यू पुअर से आश्रय उस मध्यवर्ग के तबके से है जो कोरोना की पीड़ा और आर्थिक मंदी के दौर मे तंग हाल हो चुका है| साथ ही अपने आर्थिक पायदान से भी नीचे खिसकने की ओर है| पंद्रह-बीस हज़ार से लेकर तीस-चालीस हज़ार पाने वाला यह मध्यवर्ग गहरे आर्थिक और समाजशास्त्रीय संकट मे है| कारण अनेक है जैसे खर्चे यथावत, कही नौकरी गई, कही गिरती आधी पगार का संकट आदि|

Middleclass : त्रासदी उस वंचित वर्ग की भी कम ना थी जिसे हजारो किलोमीटर चलकर अपने गॉव लौटना पड़ा| पर एक सुखद सयोंग है की किसान सम्मान योजना के तहत मेरे गॉव मे किसानो को 6 किश्ते मिल चुकी है| शेहरी छेत्रो मे रेडी, पटरी और फड़ के दूकानदार लोन ले रहे है| उम्मीद है की इस वर्ग का व्यापक कवरेज और बढ़ेगा| मध्यवर्ग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टैक्सेज का सीधा भागिदार है| सम्पूर्ण मध्यवर्ग चाहे नौकरीपेशा हो टैक्स का दबाब उस पर हमेशा रहता है| महंगाई से भी उसे दो चार होना ही पड़ता है|निम्न माध्यम वर्ग के लिए हैंड होल्डिंग की कोई कारगर व्यवस्था भी नही है| जाहिर सी बात है मध्यवर्ग कसमसा रहा है|

कोरोना और आर्थिक मंदी से  ठीक पहले कुछ लोगो ने लोन पर गाड़ी ली, कुछ ने मकान के सपने देखे, टीवी, फ्रिज, कूलर जैसे आइटम्स भी किस्तों पर लिए गये | अब नौकरी जाने से या कटी वी पगार के दौर मे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक दबाब निरंतर बढ़ता जा रहा है| मध्यवर्ग की गिरती आय से बाजार मे उपभोगता मांग काफी कम हो गई है| केंद्र सरकार ने स्टिमुलस के बजाय लोन इकॉनमी को महत्त्व दिया है| लोन इकॉनमी से असली खरीददार बाजार मे उपलब्ध रहेंगे| बीस लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज यदि पूरी भावना के साथ लागू कर दिया जाये तो लघु एवं मध्यम वर्ग का सेक्टर कुलाचें भर सकता है|
खतरा यह है की न्यू मध्यम वर्ग को एक पैकेज के जरिये हैंड होल्डिंग की जाये ताकि न्यू पुअर जैसे शब्द अप्रासंगिक हो जाये| न्यू पुअर ना केवल आर्थिक रूप से बल्कि समाजशास्त्री दृष्टि से भी इस समय वल्नरेबल हो चुका है| उसे सस्टेनेबल डोजेज की आवश्यकता है|बैंक, कैंप या लोन मेला लगाकर इन स्कीम्स का सघन प्रचार प्रसार कर सकते है| सॉवरेन गैरंटी के चलते बैंको को ज्यादा कागज़ पत्रों की आवश्यकता भी नही पड़नी चाहिए| निम्न मध्यम वर्ग को समाज के एक घटक के रूप मे सभालने की जिम्मेदारी उच्च मध्यम वर्ग और मध्यवर्ती मध्यम वर्ग की है| कारण स्पष्ट है की यही वर्ग इन दोनो जमातों की आवश्यकता पूर्ति करता है|

लेखक – विजय ढौंडियाल