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Remembring Shri Krishna: कालिय दमन और 1 महत्वपूर्ण सीख (an avtar full of excitement & lessons)

Shri krishna

Shri krishna: श्री कृष्ण भारतीय चेतना के ऐसे अवतार है जो प्लेफुलनेस के प्रतीक है|मर्यादापुरुषोत्तम राम के विपरीत वे शिशु रूप मे खेलते है, युवा रूप मे गोपियों के साथ रास रचाते है और सर्वत्र माधुर्य, चुहलबाजी और गीता मे अर्जुन के उपदेशक की भूमिका मे समाने आते है|श्री कृष्ण का जीवन प्रेम, रासलीला और मनोविनोद का जीवंत कथानक रहा है|

Shri krishna killing kaliya naagएक प्रसंग है| कालिय नाग यमुना नदी मे रहता था|उसके विष से नदी का जल सदैव विषेला रहता था|कृष्ण ग्वाल-बालो के साथ नदी तट पर खेलने जाया करते थे|कालिय नाग की कथा जब श्री कृष्ण को पता चली तो उन्होंने अपने पुरुषार्थ व पराक्रम से उसे मार भगाया|

 

 

SRI KRISHNA: आज की यमुना मे प्रदुषण रूपी कालिय नाग

मैं इस कथा को यमुना नदी के आज के प्रदुषण से जोड़ कर देख रहा हूँ|यमुना नदी यमुनोत्री से निकलती है और मैदानों मे उतरकर दिल्ली, आगरा होते हुए आगे निकल जाती है|पहाड़ो मे स्वच्छ, साफ सुथरी और प्रदुषण मुक्त यमुना जी दिल्ली मे रेंगने लगती है| उनका जल और तट नितांत दूषित है| यमुना जी को पग पग पर मनुष्यों, कारखानों और स्थानीय समुदायों का कूड़ा कचरा लेकर बहना पड़ता है|यह कूड़ा कचरा इस प्राणवाहिनी नदी के लिए लगातार खतरा बनता जा रहा है|

https://youtu.be/c1M97LCpDPo

श्री कृष्ण लीला का केंद्र रही मथुरा भी इसकी चपेट मे है|हम प्रतिवर्ष श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बनाते है| राग, रंग और श्री कृष्ण की लीलाओं का मंचन करते है किन्तु यमुना जी का जल प्रदुषण के कारण अब अचमन योग्य भी नहीं रहा है|

सरकारे भारी भरकम राशि तो लुटा सकती है किन्तु कालिय नाग जैसे यमुना के प्रदूषण का सफाया नहीं कर सकती|हमारी नदिया आज खतरे मे है| प्राया: सभी बड़ी छोटी नदिया प्रदुषण से सिसक रही है|नदिया जीवन विज्ञान है, ऐसा कभी उत्तरखंड न्यायलय ने फैसला दिया था किन्तु यह निर्णय युग धर्म न बन सका|नदियों का पर्यावरण और जैव विविधता को हमारे राष्ट्रीय एसेट माना जाना चाहिए|सभी नदियों को जीवित अर्थ तंत्र मान कर उनके प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव रखना चाहिए|संबिधान के नीति निर्देशक तत्त्व और मूल कर्त्तव्य के रूप मे भी नदियों के प्रति सम्मान को व्यक्त किया गया है|

Shri krishna: pollution in river yamuna

कृष्ण जन्मोत्सव को यमुना चेतना अथवा नदी दिवस के रूप मे हमारी सक्रिय हिस्सेदारी का अंग होना चाहिए

अन्यथा प्रदुषण के कालिय नाग इसे धवस्त कर देंगे| तब हमारी लोक आस्थाओ, लोक जीवन और नदियों को माँ समझने की चिंतन धारा कहा टिक पायेगी|श्री कृष्ण ने कालिय नाग को लोक कथानक के अनुसार मार भगाया| यमुना जी विषधर के विष से मुक्त हुई|गोप और ग्वाल-बालो के मध्य ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी| लीला प्रिय कृष्ण इस तरह के कार्य करने मे पटु थे|श्री कृष्ण का यह करतब यमुना जी को प्रदुषण मुक्त करने से कम नहीं था|

हम श्री कृष्ण चेतना के पक्षधर है| श्री कृष्ण भारत के जन जन मे बसने वाली चेतना है| भागवतम मे श्री कृष्ण की जीवन दृष्टि को व्यक्त किया गया है|हम श्री कृष्ण के पूजा के सच्चे अधिकारी तभी बनेंगे जब यमुना जी स्वच्छ हो, हमारी नदिया साफ हो और हमारी नदियों का पर्यावरण और प्रकृति दोनो साफ रहे| कृष्ण जन्मोत्सव का यही सन्देश है|

लेखक: विजय ढौंडियाल

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