व्हीलचेयर पर बेटा, जमीन पर बैठा लाचार पिता; अफसर छुट्टी पर

लालकुआं तहसील में अधिकारियों के अवकाश पर होने से जनता को भारी परेशानी हो रही है। तहसीलदार और एसडीएम की अनुपस्थिति के कारण दिव्यांग पेंशन, विधवा प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़े हैं। दूरदराज से आने वाले लोग घंटों इंतजार के बाद निराश लौट रहे हैं। सूचना के अभाव में फरियादी भटकने को मजबूर हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जिलाधिकारी ने जांच और समाधान का आश्वासन दिया है।

तहसील लालकुआं में शुक्रवार की दोपहर 12:30 बजे यहां की लचर व्यवस्था उस समय साफ नजर आई जब एक बुजुर्ग बंद लाल अधिकारियों की राह देखते-देखते थककर जमीन पर बैठ गए। कमजोर काया, सफेद बाल और झुर्रियों भरा चेहरा उनकी लाचारी बयां कर रहा था।

पास ही उनका दिव्यांग पुत्र गुरुदेव व्हीलचेयर पर चुपचाप बैठा तहसील के मुख्य गेट की ओर टकटकी लगाए देखा था। पिता-पुत्र हर आने-जाने वाले से उम्मीद भरी नजरों से पूछते, साहब आए क्या? लेकिन जवाब हर बार निराशा ही देता। बंद लाल ने बताया कि वह अपने बेटे की पेंशन के कागजात जमा करने आए हैं। सुबह से बैठे हैं, अधिकारी आएंगे तो कागज जमा होंगे। कुछ बोल भी नहीं सकते, वरना काम अटक जाएगा

उनकी शिकायत में सिस्टम का डर साफ झलक रहा था। यह केवल बंद लाल की कहानी नहीं है। करीब दो लाख की आबादी वाली लालकुआं तहसील पिछले कई दिनों से अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण प्रभावित है। दूरदराज से आने वाले लोग अपने-अपने कागजात लेकर घंटों इंतजार करते हैं और अंततः निराश होकर लौट जाते हैं।

उनकी शिकायत में सिस्टम का डर साफ झलक रहा था। यह केवल बंद लाल की कहानी नहीं है। करीब दो लाख की आबादी वाली लालकुआं तहसील पिछले कई दिनों से अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण प्रभावित है। दूरदराज से आने वाले लोग अपने-अपने कागजात लेकर घंटों इंतजार करते हैं और अंततः निराश होकर लौट जाते हैं।

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