अगर आपके पास पुराना वाहन है और आप उसे बदलकर नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पुराने वाहन को कबाड़ में बेचने के बजाय अधिकृत सरकारी वाहन स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा कराने से आपको कई तरह के वित्तीय लाभ मिल सकते हैं।
स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट से मिलेंगे विशेष फायदे
पुरानी गाड़ी को मान्यता प्राप्त वाहन स्क्रैपिंग सेंटर पर देने के बाद वाहन मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) जारी किया जाता है। इस प्रमाणपत्र के आधार पर नई गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स में छूट सहित अन्य प्रोत्साहन प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से जुड़े शुल्क में भी नियमानुसार राहत मिल सकती है।
इस पहल का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना तथा नए और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना है। इससे वाहन मालिकों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी लाभ मिल सकता है।
देशभर में तेजी से बढ़ रहा है वाहन स्क्रैपिंग का काम
26 अक्टूबर 2026 तक देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 176 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर संचालित हो रहे थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 7.14 लाख वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है।
इनमें करीब 2.17 लाख सरकारी और 4.96 लाख निजी वाहन शामिल हैं। सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग में बसें, पुलिस वाहन और एंबुलेंस जैसे पुराने वाहन भी शामिल हैं।
स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र को बेचने का भी विकल्प
यदि आप पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने के बाद तुरंत नई गाड़ी खरीदने की योजना नहीं बना रहे हैं, तो आपके लिए एक अन्य विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है। स्क्रैपिंग से प्राप्त सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) को मान्य ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचकर भी आर्थिक लाभ लिया जा सकता है।

