भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपनी शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। गुरुवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से पराजित कर छठी बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की ट्रॉफी जीतने का गौरव हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में जापान ने शुरुआत से ही भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी। मैच के तीसरे मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो ने गोल करके जापान को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। पहले और दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ी बराबरी का गोल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने शानदार वापसी की। 42वें मिनट में नीलकांत शर्मा ने बेहतरीन गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए जापान पर दबाव बढ़ा दिया।
मैच के 48वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद गुरजंत सिंह ने 53वें मिनट में तीसरा गोल दागा, जबकि 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने एक और गोल करके भारत की जीत पक्की कर दी।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय टीम इससे पहले 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में भी यह खिताब जीत चुकी है। 2026 की जीत के साथ भारत ने छठी बार चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया।
नीलकांत शर्मा को शानदार विदाई
इस मुकाबले की एक खास बात यह भी रही कि नीलकांत शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहा। उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही अपने संन्यास के फैसले की जानकारी दे दी थी। भारतीय टीम ने खिताबी जीत के साथ उन्हें यादगार विदाई दी।

