सुर्खाब के बाद अब नाब बिल्ड डक भी प्रवास को पहुंची देहरादून, आप भी आइए और देखिए विदेशी परिंदों का संसार

देहरादून के आसन वेटलैंड में विदेशी पक्षियों का प्रवास शुरू हो गया है जहाँ सुर्खाब के बाद अब नाब बिल्ड डक भी पहुंची है। वन विभाग ने इनकी सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी है। हर साल यूरोप और एशिया से कई प्रकार के प्रवासी पक्षी यहां आते हैं जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। डीएफओ ने मानवीय हस्तक्षेप रोकने के निर्देश दिए हैं।

देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व और उत्तराखंड की पहली रामसर साइट आसन वेटलैंड में प्रवासी परिंदों का आगमन शुरू हो गया है। सबसे पहले सुर्खाब प्रवास को पहुंचे। बुधवार को नाब बिल्ड डक (नंदी मुख बत्तख) भी प्रवास पर पहुंच गई है।

विदेशी परिंदों के आगमन को देखते हुए बुधवार को चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी वैभव सिंह ने आसन रामसर साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने रेंजर और पूरी टीम को प्रवासी परिंदों की सुरक्षा के लिए गश्त करने के निर्देश दिए। गश्त में प्रशिक्षित वन कर्मियों के साथ ही प्रशिक्षु वन दारोगा और आरक्षियों को भी शामिल किया गया है।

प्रवासी परिंदों का आना शुरू

आसन रामसर साइट में हर साल अक्टूबर की सात तारीख को प्रवासी परिंदों का आना शुरू हो जाता है। रामसर साइट में यूरोप, मध्य एशिया, साइबेरिया, रूस, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, ईरान और चीन जैसे देशों से प्रवासी परिंदे ज्यादा आते हैं।

प्रवासी परिंदे आय बढ़ाने में सहायक भी हैं। इन्हें नजदीक से निहारने के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के आसन पर्यटन स्थल पर भी पर्यटकों का जमावड़ा भी लगता है। प्रवासी परिंदों को मड टापू, कलकल बहती यमुना, हरे-भरे पहाड़ बेहद भाते हैं।

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