स्वामी रामदेव ने बताए सेहतमंद रहने के प्राकृतिक तरीके, आयुर्वेद को बनाएं अपना सुरक्षा कवच

स्वामी रामदेव ने फेसबुक लाइव के माध्यम से सर्दियों में स्वस्थ रहने के प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपाय बताए। उन्होंने ठंड में कमजोर इम्युनिटी, पाचन और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से निपटने के लिए पतंजलि के गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा काढ़ा, च्यवनप्राश और पीड़ाहर तेल जैसे उत्पादों के उपयोग की सलाह दी। साथ ही, योग, प्राणायाम और संतुलित आहार को भी महत्वपूर्ण बताया, जिससे शरीर को प्रचंड ठंड में भी स्वस्थ रखा जा सके।

सर्दियों का मौसम आते ही ठंड बढ़ जाती है और इसके साथ ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ भी देखने को मिलती हैं। ठंडी हवाएँ, कम तापमान और धूप की कमी शरीर की इम्युनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती हैं। ऐसे में सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, जोड़ों में दर्द और त्वचा से जुड़ी परेशानियाँ आम हो जाती हैं। इसी विषय पर पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव ने एक Facebook Live के माध्यम से लोगों को प्रचंड ठंड से बचने के प्रभावी और प्राकृतिक उपाय बताए।

सर्दियों में क्यों बढ़ती हैं स्वास्थ्य समस्याएं

स्वामी रामदेव के अनुसार, सर्दियों में शरीर की पाचन अग्नि धीमी पड़ जाती है, जिससे गैस, कब्ज और थकान जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं। साथ ही, ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है। ऐसे में अगर इस मौसम में सही खान-पान और देखभाल न की जाए, तो हम बहुत जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप इस Facebook Live को देख सकते हैं।

आयुर्वेद: ठंड में सेहत का प्राकृतिक कवच

स्वामी रामदेव ने बताया कि आयुर्वेद हजारों सालों से शरीर को मौसम के अनुसार ढालने का रास्ता दिखाता आया है। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक उत्पाद शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और बिना किसी दुष्प्रभाव के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। उन्होंने लोगों से एलोपैथिक दवाओं पर निर्भर होने की बजाय आयुर्वेद अपनाने की अपील की।

पतंजलि मेगास्टोर में उपलब्ध उपयोगी उत्पाद

Facebook Live के दौरान स्वामी रामदेव ने पतंजलि मेगास्टोर में उपलब्ध कई ऐसे प्रोडक्ट्स की जानकारी दी जो सर्दियों में विशेष रूप से लाभकारी हैं। इनमें इम्युनिटी बढ़ाने वाले काढ़े, जैसे गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा आधारित उत्पाद शामिल हैं, जो सर्दी-जुकाम से बचाने में मदद करते हैं।

उन्होंने बताया कि पतंजलि का आयुर्वेदिक काढ़ा रोज़ाना पीने से शरीर गर्म रहता है और संक्रमण से लड़ने की ताकत बढ़ती है। इसके अलावा, च्यवनप्राश को सर्दियों का संजीवनी बताया गया, जो बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी के लिए उपयोगी है।
जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत के लिए पतंजलि पीड़ाहर तेल, नारायण तेल और आर्थो ग्रिट टैबलेट जैसे उत्पादों का सेवन मददगार साबित हो सकता है। ये तेल ठंड के कारण होने वाले अकड़न और दर्द में आराम पहुँचाते हैं।

स्वामी रामदेव ने सर्दियों में त्वचा की देखभाल पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि ठंड में त्वचा रूखी हो जाती है, ऐसे में पतंजलि का शुद्ध घृत, एलोवेरा जेल और आयुर्वेदिक बॉडी लोशन त्वचा को पोषण और नमी प्रदान करते हैं।

रोजमर्रा की जीवनशैली में अपनाएं ये आदतें

स्वामी रामदेव ने कहा कि केवल उत्पादों का उपयोग ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी ज़रूरी है। सर्दियों में नियमित योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, गर्म पानी का सेवन और संतुलित भोजन शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।

इस Facebook Live का मुख्य संदेश यही था कि आयुर्वेद और प्रकृति के अनुसार जीवन जीकर हम प्रचंड ठंड में भी खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। पतंजलि के आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स न केवल ठंड से बचाव करते हैं, बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करते हैं।

स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए उपाय यह सिखाते हैं कि सही जानकारी, आयुर्वेदिक उत्पादों और संतुलित जीवनशैली के ज़रिये सर्दियों को बिना बीमारी के बिताया जा सकता है। पतंजलि मेगास्टोर में उपलब्ध ये उत्पाद ठंड के मौसम में स्वास्थ्य का भरोसेमंद सहारा बन सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *