एलजी वीके सक्सेना ने ‘प्रथम डीडीए ग्रीन एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करते हुए विश्वास जताया कि दिल्ली की हवा साफ होगी और शहर हरियाली के लिए जाना जाएगा। उन्होंने बांसेरा पार्क के परिवर्तन का जिक्र किया, जो अब 30,000 बांस के पेड़ों और जलाशयों के साथ एक आकर्षण है। एक्सपो टिकाऊ शहरी विकास और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित है, जिसमें नई पहल और साझेदारियां शामिल हैं।
एलजी वीके सक्सेना ने शनिवार को विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिल्ली की हवा साफ होगी और शहर अपनी हरियाली के लिए पहचाना जाएगा।
एलजी शनिवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा बांसेरा पार्क में आयोजित दो दिवसीय ‘प्रथम डीडीए ग्रीन एक्सपो 2026’ के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
मलबे के ढेर से बना ‘बांसेरा’
बांसेरा पार्क की सफलता का जिक्र करते हुए एलजी ने कहा कि यह स्थान इस बात का प्रमाण है कि कुछ भी असंभव नहीं है।
ग्रीन एक्सपो 2026: मुख्य बिंदु
- यह एक्सपो “वृद्धि से परे: शहरी भविष्य की नई परिकल्पना” थीम पर आधारित है। इसका उद्देश्य टिकाऊ शहरी विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटना है।
- विशेषज्ञ चर्चा: जलवायु विशेषज्ञ, शहरी नियोजक और उद्योग जगत के दिग्गज पर्यावरण बेहतरी पर चर्चा कर रहे हैं।
- प्रमुख मुद्दे: अत्यधिक गर्मी, बाढ़ से निपटने की क्षमता, प्रकृति आधारित बुनियादी ढांचा और सर्कुलर फूड सिस्टम।
नई पहल और साझेदारियां
एक्सपो के दौरान शहर को हरा-भरा और जीवंत बनाने के लिए कई नई साझेदारियों की घोषणा की गई-
- रंगबाग (Rangbaag): राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के सहयोग से DDA पार्कों में बच्चों के लिए सामुदायिक नाट्य पहल शुरू होगी।
- शहरी पारिस्थितिकी अनुसंधान: दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी कर युवाओं को शहरी पर्यावरण अनुसंधान से जोड़ा जाएगा।
- एमवीडीए से गठबंधन: मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के साथ भी मिलकर काम किया जाएगा।

