लाहौर के एचिसन कॉलेज स्थित पुरातन गुरुद्वारा साहिब में 1947 के बाद पहली बार ऐतिहासिक शबद कीर्तन और अरदास हुई। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा और स्थानीय सिख संगत ने इसमें भाग लिया। डॉ. तरुणजीत सिंह बुतालिया द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम कॉलेज की 140वीं वर्षगांठ पर हुआ। विभाजन के बाद सिख छात्रों की अनुपस्थिति के कारण गुरुद्वारा बंद था, पर कॉलेज ने इसकी देखरेख जारी रखी।
लाहौर के मॉल रोड स्थित एचिसन कॉलेज परिसर में बने पुरातन गुरुद्वारा साहिब में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक सिख शबद कीर्तन आयोजित हुआ व अरदास की गई। इसमें पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा सहित स्थानीय सिख संगत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
डॉ. तरुणजीत सिंह बुतालिया ने कॉलेज प्रशासन के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। वर्ष 1947 के बाद सिख विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण यह गुरुद्वारा साहिब बंद हो गया था। परंतु इसकी देखरेख कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार की जाती रही।

