भाजपा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस रही है। 14 फरवरी को देहरादून में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की उपस्थिति में प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक होगी। इसमें मिशन-2027 की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि बैठक में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा होगी। प्रत्याशी चयन जीत की संभावना पर आधारित होगा।
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कमर कस चुकी है। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में 14 फरवरी को देहरादून में होने वाली पार्टी की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक में मिशन-2027 के लिए चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी का गठन होने के बाद कोर कमेटी की यह पहली बैठक है। इस अवसर पर आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श होगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने रविवार को प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि कोर कमेटी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और राज्य व केंद्र सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर विमर्श होगा। साथ ही वर्तमान में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी।
चुनावी वर्ष के दृष्टिगत डबल इंजन सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विकास रथ चलाया जाना भी प्रस्तावित है। बैठक में इसकी रूपरेखा तय करने के साथ ही जिम्मेदारियां सुनिश्चित की जाएंगी। चुनाव से पहले किन-किन मुद्दों को लेकर किस तरह से जनता के बीच बात रखनी है, इसकी रणनीति भी तय की जाएगी।
जीत की संभावना ही प्रत्याशी चयन का आधार
एक प्रश्न के उत्तर में भट्ट ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जीत की संभावना ही प्रत्याशी के चयन का आधार बनेगी। इसे देखते हुए विधायकों व अन्य नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं को राजनीतिक रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र में ही केंद्रित करें।
उन्होंने बताया कि विधायकों के कामकाज के आकलन के दृष्टिगत केंद्र व राज्य स्तर से दो-दो सर्वे चल रहे हैं। इनमें से एक की रिपोर्ट मिल चुकी है, जो बताती है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार पार्टी अधिक सीटें जीतने जा रही है। इसके इतर अन्य सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों को जानकारी देने के साथ ही सुधार की अपेक्षा की जा रही है।
विपक्ष की महापंचायत फ्लाप शो
अंकिता भंडारी प्रकरण पर महापंचायत से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने महापंचायत को पूरी तरह से मुद्दों व संख्या की दृष्टि से फ्लाप शो करार दिया। कहा कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार पीडि़त परिवार की भावना के अनुसार कार्रवाई कर चुकी है, उस पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है।
जनता ने देखा कि आंदोलन की आड़ में किस तरह राजनीतिक दलों के झंडों में होड़ मची थी। उन्होंने दावा किया कि जितने लोग महापंचायत में जुटे, उससे कहीं अधिक विपक्षी दलों के लोग भाजपा में शामिल होने पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि जनता विपक्ष के चुनावी राजनीतिक प्रपंच को देख व समझ रही है और वर्ष 2027 के चुनाव में उसे फिर से करारा सबक सिखाएगी।

