दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने फरवरी 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। नौकरीपेशा, गृहिणियों और दोहरी डिग्री के इच्छुक अभ्यर्थी बीकॉम, एमकॉम, एमबीए, एमए और एमएससी गणित जैसे पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन और विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने पर केंद्रित है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेंटर फार आनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन के अंतर्गत संचालित ऑनलाइन लर्निंग और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम में फरवरी–2026 सत्र के लिए स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
प्रवेश के लिए जिन प्रमुख पाठ्यक्रमों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, उनमें बीकाम, एमकाम, बीबीए, एमबीए के साथ-साथ एमए (अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, शिक्षा, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र) और एमए./एमएससी गणित शामिल हैं। विश्वविद्यालय की निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले सभी अभ्यर्थी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन पाठ्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि नौकरीपेशा अभ्यर्थी, गृहिणियां और नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित न हो पाने वाले विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही दोहरी डिग्री लेने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी यह एक बेहतर अवसर है, क्योंकि वह समानांतर रूप से अन्य पाठ्यक्रमों के साथ इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करा सकते हैं।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
विश्वविद्यालय के अनुसार आवेदन की पूरी प्रक्रिया आनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आनलाइन लर्निंग और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग लिंक पर क्लिक कर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर प्रत्येक पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत विवरण, पात्रता, शुल्क संरचना एवं प्रवेश दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रवेश संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय द्वारा हेल्पलाइन नंबर एवं आनलाइन काउंसलिंग लिंक भी जारी किए गए हैं। अभ्यर्थी दूरभाष या डिजिटल माध्यम से काउंसलर से संपर्क कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित होकर सीधे काउंसलर से परामर्श भी ले सकते हैं।

