बरेली: इज्जतनगर बस अड्डे का काम फिर क्यों रुका? डिजाइन में फंस गया 16 करोड़ का पेंच

बरेली के इज्जतनगर में 16.72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए बस अड्डे का काम बजट और डिजाइन में बदलाव के कारण फिर रुक गया है। 2023 में शुरू हुई यह परियोजना अभी भी अधूरी है। सड़क की ऊंचाई बढ़ने से डिजाइन बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण कार्य जून तक पूरा होने की समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन मौजूदा स्थिति में छह महीने से पहले काम पूरा होना मुश्किल दिख रहा है।

पुराना बस अड्डा और सेटेलाइट बस अड्डा पर बसों का दबाव बढ़ने से शहर में जाम की स्थिति गंभीर होने लगी है। इस समस्या का स्थायी समाधान कराने के लिए इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि परिवहन निगम नया बस अड्डा बनवा रहा है। 16.72 करोड़ रुपये की परियोजना में निर्माण कार्य 2023 में ही शुरू हो गया था, लेकिन अभी तक परियोजना अधूरी है। विहंगम भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन बजट के अभाव में काम ठप हो गया था।

पांच महीना पहले बजट आवंटित होने के बाद भी दोबारा काम शुरू कराने में टेंडर की प्रक्रिया उलझी रही। पिछले महीने काम तो शुरू करा दिया गया था, लेकिन अब डिजाइन में बदलाव का पेच फंस गया है। परिसर में मिट्टी तो डलवाई जा रही है, लेकिन बनकर तैयार हो चुके भवन में फर्नीचर लगाने का काम अभी शुरू ही नहीं हो सका है।

इज्जतनगर में नवीन बस अड्डा की डिजाइन छह साल पहले 2020 में बनाई गई थी। उस समय सामने की सड़क नीची थी, जिसको ध्यान में रखकर डिजाइन और एस्टीमेट तैयार किया गया था। निर्माण कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को दी गई, लेकिन बजट टुकड़ों में जारी होता रहा।

अगस्त 2023 में तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त मिली तब जाकर कार्य आरंभ हो सका। मार्च 2024 में दूसरी किस्त में दो करोड़ रुपये जारी हुए। तीसरी किस्त में 3.90 करोड़ रुपये जल्दी मिल गए। 8.90 करोड़ रुपये की लागत से विहंगम भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन बजट के अभाव में काम ठप हो गया था।

परिसर को समतल बनाकर टायल लगवाने, फर्नीचर का कार्य कराने का काम बाकी है। छह महीना पहले 6.98 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया, लेकिन अब जाकर मिट्टी भराव का काम शुरू हुआ है। फर्नीचर का काम तो अभी शुरू ही नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि सड़क ऊंची हो जाने के कारण डिजाइन में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

शासन से अनुमोदन मिलने के बाद ही कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। बता दें कि कार्यदायी संस्था ने आगामी जून तक कार्य पूर्ण कराने के लिए समय बढ़वाया है, लेकिन मौजूदा हालात को देखकर छह महीने के पहले काम पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *