नोएडा प्राधिकरण ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भवन निर्माण नियमों को सरल बनाने की तैयारी में है। अब ग्रामीण इलाकों में निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य हो सकती है, जिससे अवैध निर्माण रुकेंगे और सुनियोजित विकास होगा।
प्राधिकरण अब ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भवन निर्माण से जुड़े नियमों को आसान और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए साल 2016 में लागू औद्योगिक विकास क्षेत्र भवन (चतुर्थ संशोधन) विनियमावली, 2016 की समीक्षा की जाएगी। इसमें संशोधन किया जाएगा। यानी ग्रामीण इलाकों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करना जरूरी हो सकता है।
सुझाव आने के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्तर की समिति इस पर काम करेगी। ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। नोएडा प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था स्पष्ट रूप से लागू नहीं हो पा रही है। इसी वजह से कई जगह बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।
सुझाव और आपत्तियां दे सकेंगे नोएडावासी
प्राधिकरण ने यह भी माना है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण होने से सड़क, पानी, सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं की सही योजना नहीं बन पाती। इससे भविष्य में पूरे अधिसूचित क्षेत्र की आधारभूत संरचना प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण आम जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगेगा, ताकि नियमों को जनहित में सरल बनाया जा सके। इसके लिए एक समिति का प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड में रखा गया था। शासन ने तीनों प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक स्तर के अधिकारियों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया।
साथ ही जल्द से जल्द नोएडा वासियों से सुझाव और आपत्तियां मांगने के लिए कहा। ताकि सुझाव पर अमल करते हुए विनियमावली में संशोधन किया जा सके। यह संशोधन ग्रामीण इलाकों में हो रहे अंधाधुन निर्माण को रोकने के लिए भी है। नए ड्राफ्ट में तय किया जाएगा कि ग्रामीण इलाकों में भवन निर्माण से पहले नक्शा पास कराना जरूरी होगा। इससे यहां सुनियोजित तरीके से भवनों का निर्माण हो सके और ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।
नियमों के विपरीत बढ़ाई जा रही पुराने भवनों की ऊंचाई
लगातार बढ़ रहे अनधिकृत निर्माण से नोएडा के सुनियोजित विकास पर असर पड़ रहा है। साथ ही ऐसे निर्माणों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से भविष्य में हादसों की आशंका बनी है। संकरी गलियों और अव्यवस्थित निर्माण के कारण किसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल को मौके तक पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है।

