भंडारी बाग के छोर पर आरओबी तो डेढ़ साल पहले आकार ले चुका था, लेकिन रेसकोर्स या रेस्ट कैंप के छोर पर सिर्फ पिलर खड़े थे। अब दूसरी तरफ भी एप्रोच रोड आकार लेने लगी है और नाले का निर्माण प्रगति पर है। लेकिन, काम मे नियमों की अनदेखी से स्थानीय नागरिकों की समस्या बढ़ गई है। स्थिति यह है कि बेतरतीब खोदाई से सड़क तो ऊबड़खाबड़ हुई ही है, घर से बाहर कदम रखना जान को जोखिम में डालने जैसा बन गया है। क्योंकि, घर के प्रवेश मार्ग और सड़क के बीच की जगह गड्ढों ने ले ली है।
इतना ही नहीं नाला निर्माण के लिए की गई खोदाई वाले हिस्से पर सरिया निकले हुए हैं। नागरिकों के लिए घर से सड़क पर आने के लिए लोहे की पतली जाली या पतले पाइप डाले गए हैं। हल्का सा पैर फिसला नहीं कि हादसे का शिकार होना तय है। कुछ घर ऐसे भी है, जिनके लिए अस्थाई रैंप तक नहीं बनाए गए हैं। वहीं, आधा दर्जन के करीब दुकानें मार्ग न होने से करीब एक माह से बंद पड़ी हैं।