लखीसराय में बड़हिया कॉलेज घाट से रामपुर NH-80 तक 23.9 किमी सड़क निर्माण में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के विवाद के कारण आ रही बाधाएं अब दूर होंगी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने जिलाधिकारी को बाधक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस बल तैनात कर जल्द काम पूरा करने का निर्देश दिया है।
लखीसराय के बड़हिया कालेज घाट से खुटहा, मुरवड़िया और सुरजीचक होते हुए रामपुर एनएच-80 तक बनने वाली लगभग 23.9 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण लंबे समय से बाधाओं के कारण प्रभावित था। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद के कारण काम ठप पड़ा हुआ था। हाल ही में केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाधक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पुलिस बल तैनात कर सड़क निर्माण पूरा कराया जाए।
किसानों की मुआवजा आपत्ति
जानकारी के अनुसार, बड़हिया कालेज गंगा घाट से करीब 500 मीटर क्षेत्र और जैतपुर के समीप अधिग्रहीत जमीन पर किसानों ने अधिक मुआवजा की मांग को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इससे पहले पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता और जिलाधिकारी स्वयं स्थल पर जाकर किसानों से बातचीत कर चुके थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और सरकार द्वारा जारी पहले गजट में जमीन को फसली बताया गया था, जिसका विरोध उन्होंने किया।
मुआवजा दर में विवाद
इसके बाद दूसरे गजट में जमीन को दो फसली और तीसरे गजट में अविकसित भूमि का दर्जा देते हुए प्रति डिसमिल 25 हजार रुपये की दर से मुआवजा तय किया गया। इसके बावजूद किसानों ने मुआवजा राशि में एकरूपता की मांग जारी रखी। उनका कहना था कि जैतपुर पंचायत में मौरूसी जमीन के लिए प्रति डिसमिल 9 हजार रुपये की दर पर चार गुणा मुआवजा दिया गया, जबकि नगर क्षेत्र में 50 हजार रुपये तक का मुआवजा मिल रहा है। इसी विसंगति के कारण वे सड़क निर्माण कार्य का विरोध कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री का सख्त निर्देश
शनिवार को पिपरिया प्रखंड मुख्यालय मोहनपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मंच से कहा कि यह सड़क दियारा क्षेत्र की लाइफ लाइन है। कुछ लोगों की वजह से निर्माण लंबित है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
निर्माण कार्य जल्द शुरू
बड़हिया अंचलाधिकारी राकेश आनंद ने बताया कि जिन किसानों की जमीन सड़क निर्माण में जा रही है, उनसे एग्रीमेंट कराया जा रहा है। एग्रीमेंट और मुआवजा भुगतान पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और जीवन की सुविधा जल्द मिल सकेगी।

