वसंत पंचमी पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती को पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाया जाता है, क्योंकि इस त्योहार पर पीले रंग का खास महत्व है। भोग के लिए केसरिया मीठे चावल, बूंदी के लड्डू, केसरिया रसमलाई, बेसन का हलवा और पीली राजभोग जैसे कई स्वादिष्ट विकल्प उपलब्ध हैं।
वसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस त्योहार पर पीले रंग का खास महत्व है। इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा में भी देवी को पीली मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। भोग में आप कई तरह की मिठाइयां शामिल कर सकते हैं, जो पीले रंग की होती हैं। आइए जानें इनके बारे में।
केसरिया मीठे चावल
वसंत पंचमी पर उत्तर भारत में केसरिया भात या मीठे चावल बनाने की सबसे पुरानी परंपरा है। इसे बासमती चावल, चीनी, घी, केसर और ढेर सारे सूखे मेवों से बनाया जाता है। केसर का प्राकृतिक रंग चावलों को गहरा पीला बनाता है। इसमें डाली गई छोटी इलायची और लौंग की खुशबू पूरे घर में फैल जाती है।
बूंदी के लड्डू
भगवान गणेश और देवी सरस्वती दोनों को ही बूंदी के लड्डू बहुत प्रिय हैं। बेसन की छोटी-छोटी बूंदियों को देसी घी में तलकर, केसर वाली चाशनी में डुबोकर ये लड्डू तैयार किए जाते हैं। इन लड्डुओं का सुनहरा पीला रंग वसंत पंचमी के उत्सव के साथ पूरी तरह मेल खाता है। इन्हें घर पर शुद्धता के साथ बनाना आसान है और ये लंबे समय तक ताजे रहते हैं।

