मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर भारतेंदु नाट्य अकादमी 75 जिलों में 14 नाटकों का मंचन करेगी, जो क्रांतिवीरों और साहित्यकारों के शौर्य व योगदान को दर्शाएंगे। इन प्रस्तुतियों के लिए देशभर की नाट्य संस्थाओं से 30 जून तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।
देश को आजादी दिलाने में क्रांतिवीरों के शौर्य, बलिदान और योगदान को मंच पर उतारा जाएगा। इनके साथ प्रख्यात साहित्यकारों के अवदान पर भी नाट्य प्रस्तुति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) ने इसकी तैयारी की है।
नाटकों के मंचन के लिए प्रदेश के साथ देशभर की संस्थाओं से 30 जून तक प्रविष्टियां मांगी गई हैं। इसमें से उपयुक्त प्रविष्टि वाली संस्था को नाटक के मंचन के लिए चयनित किया जाएगा। कुल 14 नाटकों का मंचन प्रदेश के 75 जिलाें में किया जाएगा।
भारतेंदु नाट्य अकादमी ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनाई रूपरेखा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गत पांच अप्रैल को बीएनए के स्वर्ण जयंती समारोह में नाटक आनंदमठ की कर्टनरेजर प्रस्तुति से प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्होंने इतिहास पर केंद्रित नाटक तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि आनंदमठ की दो घंटे की प्रस्तुति तैयार करें। इसके साथ देश की विरासत संजोने में योगदान देने वाले महापुरुषों के बारे में नाट्य मंचन करे।
30 जून तक प्रदेश संग देशभर की संस्थाओं से मांगी प्रविष्टियां
इसी क्रम में संस्कृति विभाग की पहल पर भारतेंदु नाट्य अकादमी को इसकी जिम्मेदारी दी गई। बीएनए के निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि अकादमी का रंगमंडल चार नाटक तैयार कर रहा है, जबकि अन्य संस्थाओं के सहयोग से 10 नाटक मंचित किए जाएंगे। संस्थाओं से स्क्रिप्ट व नाटक के वीडियो की प्रविष्टियां मांगी गई हैं। अकादमी की समिति इन प्रविष्टियो में से उपयुक्त का चयन करेगी।

