भारत की वाटर स्ट्राइक से पाकिस्तान में हाहाकार, पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा कराची

कराची भीषण जल संकट से जूझ रहा है, जहां जमात-ए-इस्लामी ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है।

पिछले साल पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर भारत ने पाकिस्तान पर वाटर स्ट्राइक की थी। इसके बाद से देश के अंदर जल-सुरक्षा की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ऐसे में देश की आर्थिक राजधानी कराची गर्मियों के चरम मौसम में पानी की भारी कमी से जूझ रही है।

जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने अपनी विरोधी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीपीपी पर बिगड़ते जल संकट के कुप्रबंधन का गंभीर आरोप लगाया।

‘कराची में पानी किल्लत दूर करने में नाकाम रही पीपीपी’

जमात ने यह भी आरोप लगाया कि पीपीपी के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कराची में पानी की पुरानी कमी की समस्या को हल करने में पूरी तरह विफल रही है।

यह संकट ऐसे समय में सामने आया जब पूरा देश ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मना रहा था। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए दंडात्मक कदमों के चलते पाकिस्तान पहले से ही बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है।

एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईद के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए हाफिज नईम ने कहा कि कराची के निवासी बढ़ती नागरिक चुनौतियों के बावजूद अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जमात-ए-इस्लामी ने पूरे शहर में 150 से अधिक स्थानों पर सामूहिक कुर्बानी की व्यवस्था की है। उन्होंने इसे एक पुरानी पहल बताया, जो स्थानीय समुदायों के साथ पार्टी के जुड़ाव को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होती है।

‘बुनियादी जरूरतें पूरी करनी की जद्दोजहद’

गहराते जल संकट पर चिंता जताते हुए जमात-ए-इस्लामी प्रमुख ने कहा कि ईद की छुट्टियों के दौरान हजारों निवासी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

उन्होंने जरूरी सार्वजनिक सेवाएं देने में नाकाम रहने के लिए पीपीपी के नेतृत्व वाली सिंध सरकार को जिम्मेदार ठहराया और सवाल उठाया कि प्रांत में पार्टी के 18 साल के शासन के बावजूद कराची की पानी की समस्याएं अब तक हल क्यों नहीं हो पाई हैं।

हाफिज नईम ने सिंध सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बोर्ड पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 43 अरब रुपये का बजट मिलने के बावजूद यह एजेंसी साफ-सफाई और कुर्बानी के जानवरों के कचरे के सही निपटारे को सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।

उन्होंने प्रांतीय प्रशासन पर बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया और दावा किया कि सार्वजनिक धन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी के नेता ने कराची के मेयर मुर्तजा वहाब के इस दावे को भी गलत बताया कि शहर में पानी की कोई कमी नहीं है।

पाकिस्तानी में गहराता जा रहा पानी का संकट

इस बीच कराची का जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। एआरवाई न्यूज के अनुसार, शहर के लगभग 70 प्रतिशत हिस्सों में पानी की आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावटें आ रही हैं। बढ़ते तापमान के बीच, कई इलाकों के निवासियों को पानी के लिए महंगे निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि गुलिस्तान-ए-जौहर, गुलशन-ए-इकबाल, अजीजाबाद, लियाकताबाद, नॉर्थ नाजिमाबाद, नाजिमाबाद और नॉर्थ कराची जैसे इलाकों में कथित तौर पर दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *