नैनीताल में प्री-मानसून की झमाझम बारिश, झील का जलस्तर बढ़ा; पेड़ गिरने से हल्द्वानी-पंगोट मार्ग बाधित

नैनीताल में भीषण प्री-मानसून बारिश से झील का जलस्तर पांच इंच बढ़ गया और नाले उफनने से कचरा झील में समा गया। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने से हल्द्वानी और पंगोट मार्ग बाधित हुए, जबकि मानसून के जल्द उत्तराखंड पहुंचने की संभावना है।

 सरोवर नगरी में बीती रात भीषण बरसात ने लोगों की नींद खोल दी। आंधी और तेज हवाओं के साथ 90 मिमी वर्षा हुई है। नाले उफनाए तो कचरे के ढेर झील में समा गए। बारिश ने नगरपालिका व सिंचाई विभाग के शहर व झील में गिरने वाले नालों की सफाई की पोल खोल दी।

बारिश में हल्द्वानी नैनीताल हाइवे तथा नैनीताल पंगोट मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। दमकल व पुलिस के प्रयासों के बाद हल्द्वानी मार्ग 45 मिनट बाद जबकि पंगोट मार्ग सुबह सवा दस बजे खुला। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक व अन्य वाहनों की कतार लगी रही।

मानसून का इंतजार अभी भी बना हुआ है, लेकिन प्री मानसून शॉवर पूरी तरह से मेहरबान है। बीती रात वर्षा का तांडव देखने को मिला। रात एक बजे बाद बारिश ने सुबह करीब छह बजे तक जारी रही। इस बीच आंधी तूफान भी पूरे वेग में रहा। बारिश की बरसती मोटी बूंदों ने लोगों की नींद खोल दी। नाले उफान पर आ गए और कचरे ढेर झील में समा गए, जो झील किनारे सुबह तैरता नजर आया। कचरे में प्लास्टिक की बोतलें और थैलियां भारी मात्रा में तैरती दिखाई दी।

झील का जलस्तर पांच इंच बढ़ा

जबरदस्त बारिश के चलते झील का जलस्तर करीब पांच इंच बढ़कर 79.1 फीट पहुंच गया है। बारिश से झील में गिरने वाले उफना गए तो शहर के तमाम हिस्सों में प्राकृतिक जलस्रोत रिचार्ज होने लगे हैं। उधर हल्द्वानी हाइवे वर दमकल कर्मचारियों ने हल्द्वानी रोड पर जबकि पंगोट मार्ग पर लोनिवि के बुलडोजर से पेड़ को हटाया गया।

सोमवार को पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहे। उधर नगरपालिका की ओर से झील सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। पालिका कर्मी अनिल कटियार सहित पांच कर्मचारी कचरा हटवा रहे हैं। इधर राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का कहना है कि यह प्री-मानूसन की बारिश है, अगले एक दो दिन में मानसून के उत्तराखंड पहुंचने की संभावना है।

प्लास्टिक कचरा सर्वाधिक

नैनी झील में बीती रात बारिश ने नाले उफनाए तो जलस्तर में बढ़ोत्तर हो गई। नालों से भारी मात्रा में कूड़ा कचरा झील में समा गया। इस कचरे में अधिकांश निर्माण सामग्री का मलबा व शीतल पेय, डिब्बा बंद पानी की बोतलें थी। झील सफाई कार्य में लगे पालिका के अनिल कटियार के अनुसार तल्लीताल डांठ के आसपास करीब दो केंटर मलबा निकाला गया।

झील का जलस्तर पांच इंच बढ़ा

जबरदस्त बारिश के चलते झील का जलस्तर करीब पांच इंच बढ़कर 79.1 फीट पहुंच गया है। बारिश से झील में गिरने वाले उफना गए तो शहर के तमाम हिस्सों में प्राकृतिक जलस्रोत रिचार्ज होने लगे हैं। उधर हल्द्वानी हाइवे वर दमकल कर्मचारियों ने हल्द्वानी रोड पर जबकि पंगोट मार्ग पर लोनिवि के बुलडोजर से पेड़ को हटाया गया।

सोमवार को पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहे। उधर नगरपालिका की ओर से झील सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। पालिका कर्मी अनिल कटियार सहित पांच कर्मचारी कचरा हटवा रहे हैं। इधर राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का कहना है कि यह प्री-मानूसन की बारिश है, अगले एक दो दिन में मानसून के उत्तराखंड पहुंचने की संभावना है।

प्लास्टिक कचरा सर्वाधिक

नैनी झील में बीती रात बारिश ने नाले उफनाए तो जलस्तर में बढ़ोत्तर हो गई। नालों से भारी मात्रा में कूड़ा कचरा झील में समा गया। इस कचरे में अधिकांश निर्माण सामग्री का मलबा व शीतल पेय, डिब्बा बंद पानी की बोतलें थी। झील सफाई कार्य में लगे पालिका के अनिल कटियार के अनुसार तल्लीताल डांठ के आसपास करीब दो केंटर मलबा निकाला गया।

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