उत्तराखंड के राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए एंटी-ड्रग शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
बच्चे इंटरमीडिएट तक स्कूली अनुशासन में रहते हैं। उनकी गतिविधियों पर शिक्षकों की नजर रहती है, लेकिन कालेज की चौखट में कदम रखते ही युवा खुलापन महसूस करने लगते हैं।
ऐसे में उन्हें सतमार्ग दिखाना जरूरी है, ताकि सही-गलत की समझ रहे। मगर, मौजूदा समय में नशा युवाओं को भटका रहा है। इसकी गिरफ्त में आकर नई पीढ़ी खुद को बर्बाद कर रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस चुनौती के विरुद्ध पहल शुरू की है। जिसमें स्नातक दाखिले को एंटी ड्रग शपथ पत्र अनिवार्य किया गया है। नशे का न के प्रमाण पत्र के बिना प्रवेश प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग से जारी किया पत्र
वर्ष 2023 में 11 राज्य विश्वविद्यालय, 114 सरकारी, 21 सहायता प्राप्त और 275 निजी कालेजों में यह लागू है। उच्च शिक्षा विभाग से पत्र जारी किया था। इसके बाद से कालेजों में एंटी ड्रग शपथ पत्र जमा करने के बाद ही प्रवेश दिए जा रहे हैं। हर साल 1.50 लाख से ज्यादा विद्यार्थी दाखिला लेने के साथ नशा मुक्ति का संकल्प ले रहे हैं।

