हरिद्वार के आर्य कन्या इंटर कॉलेज में मिड-डे मील बनाते समय प्रेशर कुकर फटने से तेज धमाका हुआ और परिसर में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि भोजन माता और छात्राएं रसोई से दूर थीं, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
आर्य कन्या इंटर कालेज में बुधवार मिड-डे मील बनाते समय प्रेशर कुकर फट गया। तेज धमाके से कालेज की छात्राएं और स्टाफ दहशत फैल गई। आसपास के इलाके में भी अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि इस दौरान खाना बना रही भोजन माता और छात्राएं रसोई से दूर थे, जिससे अप्रिय घटना टल गई।
आर्य कन्या इंटर कालेज की रसोई में बुधवार सुबह छात्राओं के लिए मिड-डे मील तैयार किया जा रहा था। प्रेशर कुकर में दाल पकाई जा रही थी। कुकर में अधिक दबाव बनने के कारण धमाके के साथ कुकर फट गया और ढक्कन काफी तेजी से उछलकर छत से टकराया। तेज धमाके की आवाज सुनते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कक्षाओं में मौजूद शिक्षक और छात्राएं घबरा गए।
शुरुआत में लगा कि गैस सिलिंडर फटा
शुरुआत में लगा कि गैस सिलिंडर फट गया। शिक्षकों और विद्यालय के स्टाफ ने छात्राओं को सुरक्षित जगह पहुंचाया। इसके बाद रसोई में जाकर देखा तो गैस सिलिंडर सुरक्षित था। प्रेशर कुकर फटने से धमाका हुआ था। रसोई में चारों तरफ दाल फैली हुई थी।
इस पर विद्यालय प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। विद्यालय की प्रधानाचार्या शारदा चौहान का कहना है कि अधिक प्रेशर के कारण कुकर का ढक्कन फट गया था। गनीमत रही कि उस समय भोजन कक्ष में कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
कुकर फटने के मुख्य कारण
खाना बनाते समय यदि सीटी की नली में चावल, दाल या मसाले का कोई कण फंस जाता है, तो भाप बाहर नहीं निकल पाती। जब मुख्य सीटी काम नहीं करती, तब कुकर का सेफ्टी वाल्व पिघलकर भाप बाहर निकाल देता है। यदि यह वाल्व नकली या घटिया क्वालिटी का हो, तो यह समय पर नहीं फटता और कुकर फट जाता है।
कुकर में क्षमता से अधिक (2/3 भाग से ज्यादा) पानी या भोजन भरने से खाद्य सामग्री सीटी के छेद में फंस जाती है। पुरानी या कटी हुई रबर (गैस्केट): खराब रबर के कारण ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता, जिससे दबाव अनुचित तरीके से बढ़ता है। कुकर में पर्याप्त पानी न होने पर अंदर का सारा पानी भाप बनकर उड़ जाता है और कुकर अत्यधिक गर्म होकर फट सकता है।
बचाव के उपाय
हर बार इस्तेमाल से पहले कुकर की सीटी को रोशनी में रखकर देखें कि वह पूरी तरह साफ और आर-पार खुली है या नहीं। कुकर को कभी भी ऊपर तक न भरें, हमेशा उसे 2/3 तक ही भरें। समय-समय पर कुकर की रबर और सेफ्टी वाल्व को चेक करते रहें। खराब होने पर हमेशा आरिजिनल (ब्रांडेड) पार्ट्स का ही इस्तेमाल करें। कभी भी जबरन या दबाव डालकर कुकर का ढक्कन न खोलें।

